तेहरान, मार्च 2 -- ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद वहां के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) अब स्वतंत्र होकर बदले की कार्रवाई कर रही है और हमले कर रही है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघाची ने दावा किया है कि ओमान पर हमला करना देश की प्राथमिकता और च्वाइस में शामिल नहीं था लेकिन IRGC ने उस पर हमले किए। इससे इस बात की संभावना जोर पकड़ने लगी है कि क्या ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद IRGC के सैनिक बेकाबू हो चले हैं। बता दें कि IRGC ईरान का सबसे शक्तिशाली और विशिष्ट सैन्य संगठन है, जिसे ईरानी क्रांति के बाद 1979 में स्थापित किया गया था। ईरान के पास दो अलग-अलग सेनाएं हैं। एक पारंपरिक सेना (Artesh) जो सीमाओं की रक्षा करती है, और दूसरी IRGC, जिसका मुख्य कार्य ईरान की 'इस्लामिक व्यवस्था' और क्रां...