उरई, मार्च 3 -- उरई। ईरान के सर्वोच्च नेता सैय्यद अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शुरू हुए विरोध प्रदर्शन में सोमवार रात को शिया समुदाय ने मजलिस का आयोजन कर गम का इज़हार किया। मजलिस को खिताब फरमाकर मौलाना अकबर अली नजफ़ी ने कहा अयातुल्ला अली खामेनेई ने कुर्बानी देकर यह साबित कर दिया कि जुल्म के आगे सिर नहीं झुकाना चाहिए। आज हर इंसान के दिल व जहन में खामेनेई बस गए हैं। शिया समुदाय के गुस्साए लोगों ने शहर में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान फिजा में लब्बैक या हुसैन-लब्बैक या हुसैन की सदाएं भी गूंजती रहीं। मोहल्ला मोहनपुरा में बारगाहे बाबुल मुराद के बाहर मजलिस हुई जिसमें मौलाना अकबर अली नजफ़ी ने कहा जब ईरान पर हमला हुआ उस समय खामेनेई अपने ऑफिस में थे और सिक्योरिटी ने कई बार उनसे सुरक्षित ठिकाने पर जाने को कहा, लेकिन उन्हों...