नई दिल्ली, अप्रैल 29 -- भारत में खाने के तेल (Edible Oil) की कीमतें एक बार फिर बढ़ सकती हैं, जिससे आम लोगों की रसोई का बजट प्रभावित होना तय है। देश की बड़ी कंपनियां जैसे अडानी विल्मर (Adani Wilmar) और इमामी 5-6% तक दाम बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की बढ़ती कीमतें और आयात लागत में तेजी है। आइए इसको जरा विस्तार से समझते हैं। यह भी पढ़ें- Rs.5553 करोड़ का प्रॉफिट, Rs.6 डिविडेंड दे रही है कंपनी, मिल चुके हैं 4 फ्री शेयर दरअसल, भारत अपनी जरूरत का करीब 57% खाने का तेल आयात करता है। ऐसे में जब वैश्विक बाजार में पाम ऑयल, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है। पिछले एक साल में इन तेलों की लागत में 14% से 20% तक की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा माल ढुलाई (fr...
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