हजारीबाग, अप्रैल 2 -- हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि हजारीबाग में वर्तमान में रसोई गैस एलपीजी की भारी किल्लत के कारण शहर के लेबर चौक पर श्रमिकों की संख्या घटकर लगभग आधी रह गई है। खाना बनाने की सुविधा न होने और महंगे होटल के खाने के कारण हजारीबाग और चतरा से आए मजदूर अपने गांवों को लौटने पर मजबूर हैं। हजारीबाग के प्रमुख लेबर चौकों में पंचमदिर चौक, मटवारी इमली चौक, क़ोर्रा चौक, और इंद्रपूरी चौक पर सामान्यतः सुबह 300 से 400 मजदूर काम की तलाश में जुटते थे। गैस संकट के बाद अब यह संख्या 150 से 200 के आसपास रह गई है। मजदूरों की कमी पलायन का कारण बताया जाता है।व्यावसायिक और घरेलू सिलेंडर की अनुपलब्धता के कारण मजदूरों के लिए भोजन तैयार करना असंभव हो गया है। कई मजदूर दोपहर का भोजन होटल में तो रात में में केवल सत्तू या चूड़ा खाकर गुजारा कर रहे हैं। जो श्रम...