अयोध्या, फरवरी 3 -- अयोध्या, संवाददाता। बढ़ती उम्र के साथ आंखों की रोशनी में कमी आना स्वाभाविक है। लेकिन पिछले पांच से छह वर्षो में आंख की कमजोर दृष्टि वाले बच्चों की संख्या बढ़ी है। पांच साल पहले रोजाना अस्पताल में करीब चार-पांच बच्चे कमजोर दृष्टि के कारण आते थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 10 से 15 हो गई है। इसका कारण खानपान व जीवन शैली बताया जा रहा है। लेकिन अभिभावक इसकी ओर ध्यान नहीं दे रहे है। जिनके कारण कमजोर दृष्टि वाले बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. विजय हरि आर्य ने बताया कि पहले बच्चों को फल, दूध खिलाने का चलन था। जिससे उन्हें विटामिन भरपूर मिल जाता था। इसके साथ वह घर में साग-सब्जी व ताजा भोजन करते थे। माता पिता उन्हें प्रयास करके दूध पिलाया करते थे। लेकिन अब के बच्चे भोजन के अन्य विकल्पों पर सबसे ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.