हरदोई, मार्च 12 -- हरदोई। शहर में खानकाह-ए-गुलजारिया द्वारा आयोजित 21वें रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया। इसमे रोजेदारों का सैलाब उमड़ पड़ा। बुधवार देर शाम रोजेदारों ने एक साथ खजूर खाकर रोजा कुशाई की और मुल्क में अमन-चैन की दुआ मांगी। इस मुकद्दस मौके पर न केवल सामूहिक इफ्तार का आयोजन हुआ, बल्कि हजरत मौला अली की शहादत और उनके जीवन पर आधारित एक विशेष रूहानी महफिल भी सजाई गई। इसके बाद खानकाह की परंपरा के अनुसार सभी के लिए ''''दस्तरख्वान-ए-अली'''' पेश किया गया। इस मौक़े पर सूफी सैयद महबूब आलम गुलजारी व सूफ़ी मेहताब गुलजारी ने मौला अली की ​शान मे कहा की ​हज़रत अली (करम अल्लाह वजहु करीम) की ज़ात-ए-मुबारका वो समंदर है जिसकी गहराई का अंदाज़ा लगाना मुमकिन नहीं। आप इल्म का दरवाज़ा, शुजाअत के पैकर और सखावत के सुल्तान हैं। ​मौला अली की पूरी ज़िंदगी हक और...