खाद डालने में लापरवाही न करें किसान, सूक्ष्म पोषक तत्वों का करें संतुलित उपयोग
सीवान, जुलाई 27 -- महाराजगंज, एक प्रतिनिधि। धान की रोपाई के बाद दूसरी खाद देने का समय चल रहा है। ऐसे में किसानों को केवल यूरिया पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित पोषक तत्वों का प्रयोग करना चाहिए। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि खाद डालने में लापरवाही बरतने से धान की फसल की बढ़वार प्रभावित हो सकती है और उत्पादन में कमी आने की आशंका रहती है। यह भी पढ़ें- Katihar News: धान में कल्ले बढ़ेंगे तो भरेंगे खलिहान, कृषि विभाग ने जारी की वैज्ञानिक एडवाइजरीकृषकों के लिए सलाह जिला कृषि पदाधिकारी शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि रोपाई के करीब 20 दिन बाद धान की जड़ों का तेजी से विकास होता है तथा नए कल्ले निकलने लगते हैं। इस अवस्था में पौधों को पर्याप्त पोषण की आवश्यकता होती है। यदि किसान केवल यूरिया का प्रयोग करेंगे और जिंक, सल्फर, मैग्नीशियम, मैंगनीज, फेरस...
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