गोपालगंज, सितम्बर 2 -- गोपालगंज। खाद की बिक्री में मनमानी और अनियमितता पर शिकंजा कसने की तैयारी है। अब किसान को उर्वरक देने से पहले उसकी पहचान का डिजिटल सत्यापन होगा। उर्वरक बिक्री की रूपरेखा (एफएफएस) एप के जरिए होने वाली बिक्री में चेहरे की पहचान के माध्यम से प्रमाणीकरण को प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है। यानी किसान की पहचान सत्यापित होने के बाद ही बिक्री की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके साथ ही उर्वरक बिक्री केंद्र की वास्तविक भौगोलिक स्थिति भी स्थान-निर्धारण प्रणाली के जरिए दर्ज की जाएगी। यह भी पढ़ें- पूर्णिया: ऑनलाइन उर्वरक बुकिंग से किसानों को मिलेगा पारदर्शी वितरण का लाभकृषि निदेशक के निर्देश कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने उर्वरक से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया को लेकर गाइडलाइन जारी किया है। नई व्यवस्था में उर्वरक की बिक्री केवल कागजी ...