बगहा, अप्रैल 9 -- सत्येन्रद श्रीवास्तव मझौलिया,एक प्रतिनिधि। बीज और उर्वरक आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आते है। किसानों को उचित मूल्य पर समय से इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करना जिम्मेदारी है। साथ ही मिट्टी की सेहत सुधारना और उर्वरकों का संतुलित उपयोग करना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है'। यह कहना है डीएम तरोनजोत सिंह का। वे बुधबार को कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर में आयोजित समारोह में बोल रहे थे।उन्होंने मशरूम प्रयोगशाला और समेकित कृषि प्रणाली इकाई का निरीक्षण किया।उन्होंने केंद्र द्वारा चलाई जा रही प्रसार गतिविधियों को देखा और उनकी सराहना की। वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखना और किसानों को संतुलित पोषण की जानकारी देना है। डॉ कुंदन किशोर अधिष्ठाता पंडित दीनदया...