नई दिल्ली, अप्रैल 19 -- हिमांशु,एसोशिएट प्रोफेसर, जेएनयू देश की दो संस्थाओं ने पिछले हफ्ते जो आंकड़े जारी किए, उनको सरकारी स्तर पर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और नागरिकों की आजीविका की रक्षा के लिहाज से अग्रिम संकेत के तौर पर लिया जाना चाहिए। एक, भारत के सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा जारी महंगाई अनुमान के आंकड़े, जो बताते हैं कि खाद्य महंगाई कुल महंगाई की तुलना में तेजी से बढ़ रही है। और दूसरा है- इस साल के मानसून के शुरुआती पूर्वानुमान, जिनमें यह आशंका जताई गई है कि इस साल बारिश बहुत कम होगी। पिछले महीने कुल महंगाई बढ़कर 3.4 प्रतिशत हो गई, जिसमें ग्रामीण महंगाई 3.6 फीसदी और शहरी महंगाई 3.1 प्रतिशत रही। खाद्य महंगाई 3.9 प्रतिशत रही, जिनमें ग्रामीण इलाकों में यह चार प्रतिशत और शहर में 3.7 फीसदी थी। खाद्य महंगाई का कुल महंगाई से आगे निकलने का ...