वाराणसी, मार्च 15 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। 'भारत में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत और सतत विकास' विषयक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के अंतिम दिन रविवार को नीतिगत आयामों पर मंथन किया गया। आईआईटी बीएचयू में आयोजित संगोष्ठी में स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों, पारंपरिक आजीविकाओं तथा सांस्कृतिक विरासत और सतत विकास से जुड़े बिंदुओं पर विस्तृत विमर्श किया गया। सत्र की शुरुआत में आईआईटी खड़गपुर के प्रो.भगीरथ बेहेरा ने स्थानीय खाद्य प्रणालियों और पाक परंपराओं, सतत जीवनशैली और जलवायु अनुकूलन को मार्गदर्शक बताया। आईआईटी बीएचयू के आर्किटेक्चर, प्लानिंग ऐंड डिजाइन विभाग के प्रो.अमिता सिन्हा ने सत्र की अध्यक्षता की। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की क्षेत्रीय इकाई के निदेशक डॉ.अभिजीत दीक्षित, बीएचयू के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के डॉ. वि...