मथुरा, मार्च 28 -- मध्य एशिया में जारी जंग का अब जिले में भी असर दिखने लगा है। विदेश से आयात होने वाले कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के कारण सरसों व रिफाइंड का तेल अब महंगा हो गया है। वहीं कॉपर, स्टील, एल्युमीनियम की कीमतें बढ़ने से भी मंहगाई का असर दिखने लगा है। जंग के कारण रिफाइंड एवं सरसों के तेल की कीमतों में 05 से 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फुटकर बाजार में 25 दिनों के अंदर ही सरसों का तेल 145 रुपये से बढ़कर 150 रुपये लीटर बिक रहा है। वहीं रिफाइंड तेल 135 रुपये से बढ़कर 140 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। रिफाइंड बनाने के काम आने वाला सोया क्रूड ब्राजील व अर्जेंटीना से और पाम आयल मलेशिया व इंडोनेशिया से आता है। भारत का 50 फीसदी तेल उद्योग विदेशों पर निर्भर है। जबकि यहां सिर्फ 50 फीसदी तेल का ही उत्पादन होता है।इसके सा...