मैनपुरी, जनवरी 16 -- बेवर। अत्यधिक खाद डालने से जहां मिट्टी की उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है तो वही मानव स्वास्थ्य को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। उक्त बातें शुक्रवार को खंड विकास कार्यालय पर कृषक भ्रमण प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत आयोजित बैठक में वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर शौकत अली ने कहीं। शुक्रवार को नेशनल मिशन आफ एग्रीकल्चर एक्सटेंशन एवं टेक्नोलॉजी प्रसार सुधार (अव्या) योजना के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन उपकृषि निदेशक द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि रासायनिक खादों के स्थान पर बीजामृत का प्रयोग करें। ग्रीष्मकालीन मूंगफली की फसल से पहले ब्रह्मास्त्र, ज्ञानेस्त्र, निर्मास्त्र आदि का प्रयोग कर मिट्टी की उर्वरा शक्ति को सुधार सकते हैं। मूंगफली की फसल से पहले किसान इसका प्रयोग कर मिट्टी की कठोर परत को तोड़ने का काम करें। उन्होंने बताया कि...
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