मऊ, अप्रैल 19 -- मधुबन, हिन्दुस्तान संवाद। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति शनिवार को मधुबन तहसील मुख्यालय में धरातल पर दिखाई दी। संपूर्ण समाधान दिवस पर मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) ने रिश्वतखोरी की शिकायत मिलने पर त्वरित एक्शन लेते हुए दो निजी तौर पर काम करने वाले व्यक्तियों को तलब कर पीड़िता से रिश्वत के रुप में लिए गए रूपए को वापस करा दिया। आरोपी को सख्त हिदायत के बाद तहसील से हटा दिया गया। इस बड़ी कार्रवाई से पूरे तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। 10 साल का इंतजार और 10,000 की मांग का मामला मित्तनपुर निवासी मुडुरी देवी का है। उसने गांव में एक जमीन खरीदी थी, जिसका दाखिल-खारिज कराने के लिए वह लम्बे समय से तहसील का चक्कर काट रही थी। यह भी पढ़ें- पुलिस व राजस्व की संयुक्त टीम हटवाए अवैध कब्जा: डीएम आरोप है कि तहसील में अवैध रूप से काम क...