एटा, फरवरी 11 -- संक्रामक बीमारी खसरा-रूबैला को दिसंबर 2026 तक उन्मूलन करने का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके लिए एक से पांचवीं तक पांच से 10 वर्ष के बच्चों को अतिरिक्त डोज लगाई जानी है। इसके लिए जिले में 16 से 27 फरवरी तक स्कूल आधारित विशेष एमआर टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। प्रेसवार्ता में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा.रामसिंह ने बताया कि वर्ष 2018 से अब तक खसरा-रूबैला की बीमारी से बचाव के लिए एक से पांच वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। इसके बाद एक आयु वर्ग के बच्चों में यह बीमारी न के बराबर देखने को मिल रही है। गतवर्षों में खसरा-रूबेला की बीमारी पांच से 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में देखने को मिली है। जनपद में टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए जूम मीटिंग, ब्लॉक, तहसील और जनपद स्तर पर बैठक एवं प्रशिक्षण का कार्य पूर्ण किया जा चुका ...