गोरखपुर, मार्च 14 -- चेतावनी गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाताविश्व निद्रा दिवस के अवसर पर शुक्रवार को महानगर में कई कार्यक्रम हुए। इस दौरान चेस्ट फिजिशियनों ने खर्राटों को गंभीरता से लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह स्लीप एप्निया का संकेत है।दाउदपुर स्थित अन्नपूर्णा चेस्ट केयर सेंटर में डॉ. एसके लाट ने कहा कि तेज खर्राटे अक्सर ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) का संकेत होते हैं, जिसमें नींद के दौरान सांस बार-बार रुक जाती है। विश्व में करोड़ों लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। भारत में जागरूकता की कमी से ज्यादातर मामलों का पता नहीं चलता। मोटापा, धूम्रपान, शराब का सेवन और बढ़ती उम्र इसके मुख्य कारण हैं।बीआरडी मेडिकल कालेज के टीबी चेस्ट के विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि तेज खर्राटे, नींद में घुटन, दिनभर थकान या सुबह सिरदर्द जैसे लक्षण दि...
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