गोपालगंज, अप्रैल 25 -- कुचायकोट। एक संवाददाता खरीफ फसल की तैयारी से पहले किसानों को खेतों में ढैंचा लगाकर हरी खाद का उपयोग करना चाहिए। इससे न केवल फसलों की पैदावार बढ़ती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी मजबूत होती है। सिपाया स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के प्रक्षेत्र प्रबंधक रविकांत कुमार ने विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे किसानों को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक और असंतुलित प्रयोग से मिट्टी के पोषक तत्वों में लगातार गिरावट आ रही है, जिसका सीधा असर मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। ऐसे में हरी खाद मृदा स्वास्थ्य सुधारने का सबसे सस्ता और प्रभावी उपाय है। वैज्ञानिक ने बताया कि ढैंचा की फसल 20-25 दिनों में जड़ों में गांठें बनाना शुरू कर देती है। जिससे नाइट्रोजन का स्थिरीकरण होता है। 40-45 दिन की अवस्था में इसकी गां...