औरंगाबाद, मई 19 -- खरीफ मौसम की शुरुआत के साथ ही गांवों में खेती-किसानी की तैयारियां तेज हो गई हैं। रोहिणी नक्षत्र शुरू होने वाला है और किसान धान की नर्सरी तैयार करने में जुट गए हैं। खेतों की जुताई और नर्सरी के लिए भूमि तैयार करने का कार्य कई गांवों में चल रहा है। हालांकि खेती की तैयारियों के बीच किसानों की चिंता भी लगातार बढ़ रही है।

किसानों की चिंताएँ मानसून की अनिश्चितता, नहरों में पानी की उपलब्धता, मजदूरों की कमी, डीजल और खाद की संभावित किल्लत किसानों को परेशान कर रही है। किसानों का कहना है कि समय पर संसाधन उपलब्ध नहीं हुए तो खरीफ की खेती प्रभावित हो सकती है। इस बीच डीजल की उपलब्धता और बढ़ती कीमतों ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। पेट्रोलियम पदार्थों और खाद की आपूर्ति और कीमतों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

कृषि में मशीनों ...