रांची, जून 14 -- रांची, प्रमुख संवाददाता। प्रशांत महासागर में होने वाली एक वैश्विक भौगोलिक और मौसमी घटना 'अल नीनो' है, जिसका सीधा असर दुनिया भर के मौसम (विशेषकर भारत के मानसून) पर पड़ता है। इसके प्रभाव से इस बार कमजोर मानसून का असर झारखंड में खरीफ सीजन की खेती पर भी पड़ सकता है। मौसम विज्ञानियों की ओर से विश्लेषण के आधार पर पूर्व में ही इस बार मानसून सीजन में सामान्य से 30 से 35 प्रतिशत कम बारिश का पूर्वानुमान लगाया गया है। झारखंड में शुक्रवार को कमजोर प्रभाव के साथ मानसून ने दस्तक दे दी है। रांची में पहले दिन मात्र 40 मिलीमीटर बारिश हुई थी। मानसून के कमजोर रहने और कम बारिश के असर को लेकर झारखंड सरकार के कृषि विभाग और निदेशालय ने वैकल्पिक खेती की तैयारी भी शुरू कर दी है। निदेशालय के अधिकारियों के मुताबिक पिछले साल राज्य भर में 18 लाख हेक्टे...