नई दिल्ली, अप्रैल 27 -- नई दिल्ली। रियल एस्टेट क्षेत्र में फंसे आवासीय प्रोजेक्ट्स और घर खरीदारों को राहत देने के लिए सरकार बड़े बदलाव की तैयारी में है। इस मामले में बनी उच्चस्तरीय समिति ने सिफारिश की है कि यदि कोई बिल्डर दिवालिया होता है, तो उसकी पूरी कंपनी के बजाय केवल 'विवादित प्रोजेक्ट' पर ही कार्रवाई की जाए। इससे उन प्रोजेक्ट को बचाया जा सकेगा, जो ठीक हालत में हैं या लगभग पूरे हो चुके हैं। भारतीय दिवाला और दिवालियापन बोर्ड (आईबीबीआई) की इस विशेषज्ञ समिति कुल 155 सिफारिशें की हैं, जिन्हें अगर सरकार स्वीकार कर लेती है तो रियल एस्टेट क्षेत्र में दिवालियापन की पूरी व्यवस्था बदल जाएगी। यह भी पढ़ें- RERA: छत टपकने और दीवारों से प्लॉस्टर उखड़ने पर होमबॉयर्स क्या करें? कहां जाएं? सुप्रीम कोर्ट के सितंबर 2025 के निर्देश के बाद यह समिति बनाई ग...