रामपुर, मार्च 11 -- शाहबाद। पूर्ति विभाग में लापरवाही सिर चढ़कर बोल रही है। इसे भुगतना आम जनता पड़ रहा है। सुनने में जरूर अजीब लगेगा, लेकिन यह सच है कि राशन कार्ड बनवाने से पहले लोगों को खुद को जिंदा साबित करना पड़ रहा है। दअरसल, विभाग ने विवाहित बेटों को पिता के राशन कार्ड से पृथक करने के दौरान कारण उनकी मृत दर्ज करा दिया है। अब वे अपने परिवार का राशन बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं तो उन्हें मृत बताते हुए आवेदन स्वीकार नहीं हो रहा है। नंदगांव के बाद खरसौल गांव से भी इसी तरह का मामला सामने आया है। जिसके बाद विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। खरसौल गांव निवासी फरीद के मुताबिक उसका नाम उसके पिता फरजंद के राशन कार्ड में था। पिता के कार्ड पर ही उसे राशन मिलता था। कुछ साल पहले छोटी बहन की शादी के बाद विभाग ने सभी विवाहित भाई-बहनों के न...