जहानाबाद, मार्च 12 -- मखदुमपुर,निज संवाददाता। हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व बताया गया है। खरमास में मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन , नय वाहन खरीदना आदि निषेध बताया गया है। खरमास 14 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल तक है। कतरासीन आश्रम से संबंध आचार्य डॉ रामकिशोर शर्मा ने बताया कि 14 मार्च रात 1:30 के बाद सूर्य मीण राशि मे प्रवेश करेंगे। इससे खरमास कि शुरुआत होगी।इस लिए अब 14 अप्रैल के बाद होगा।खरमास मे मांगलिक कार्य निशेध होता है क्योंकि इस अवधि मे सूर्य का तेज कमजोर हो जाता है। इस अवधि में मांगलिक कार्य नहीं होता है लेकिन धयान, पूजा एवं दान का विशेष महत्व है।इस अवधि मे भगवान विष्णु के पूजा का विशेष महत्व है। भगवान सूर्य के स्थान पर भगवान विष्णु की पूजा किया जाना चाहिए। जिससे विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
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