गिरडीह, मार्च 15 -- झारखंडधाम, प्रतिनिधि। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस वर्ष खरमास 15 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 14 अप्रैल 2026 तक रहेगा। इस अवधि में सूर्य के मीन राशि में गोचर करने के कारण इसे विशेष धार्मिक काल माना जाता है। ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार, इस एक माह की अवधि में सूर्य को अपेक्षाकृत कमजोर माना जाता है, जिसके चलते विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे मांगलिक कार्यों को करने से परहेज किया जाता है। धर्माचार्यों पंडित कन्हैयालाल शास्त्री, आदित्य शास्त्री, विक्रम शास्त्री एवं नरेश पंडा के अनुसार खरमास के दौरान शुभ कार्यों की बजाय पूजा-पाठ, दान और आध्यात्मिक साधना पर विशेष बल दिया जाता है। इस अवधि में सूर्य देव की पूजा, मंत्र जप और धार्मिक अनुष्ठानों को फलदायी माना जाता है। कई श्रद्धालु इस समय व्रत, दान-पुण्य तथा धार्मिक अनुष्ठानों के माध...