घाटशिला, अक्टूबर 27 -- घाटशिला, संवाददाता। महापर्व के दूसरे दिन व्रतधारी महिलाओं ने खीर एवं रोटी अपने आराध्य को अर्पित करने के बाद खरना की पूजा-अर्चना की। रविवार को खरना का अनुष्ठान हुआ। इस दिन व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखेंगी और शाम को भगवान भास्कर को खीर-रोटी का प्रसाद अर्पित कर पूजा-अर्चना करेंगी। खरना का प्रसाद ग्रहण करने के बाद इसे परिवार और आस-पड़ोस के लोगों में बांटा जाता है। खरना के बाद व्रती पूरी रात जागकर ठेकुआ, फल और पूजा सामग्री (दौरा) की तैयारी करती हैं। सोमवार को व्रती सिर पर दौरा और सूप में प्रसाद सजाकर नदी, तालाब या घाट पर जाकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगी। मंगलवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाएगा। इसके साथ ही चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व संपन्न हो जाएगा। छठ पूजा में स्वच्छता,...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.