नई दिल्ली, अप्रैल 25 -- मोहम्मद जहूर खय्याम हाशमी को संगीत प्रेमी खय्याम के नाम से जानते हैं। वह ऐसे संगीतकार थे जिसने कम फिल्में कीं लेकिन जो किया वो अमर हो गया। शोर-शराबे के बीच उन्होंने उमराव जान के म्यूजिक में एक ठहराव दिया जो दिल को छूने वाला था। 1981 में आई यह फिल्म खय्याम के करियर का माइलस्टोन मानी जाती है। जब बॉलीवुड में डिस्को का दौर शुरू हो चुका था तब खय्याम ने दिल चीज क्या है और इन आंखों की मस्ती जैसे गानों को रूहानी धुन दी। खय्याम ने अपने करियर की शुरुआत शर्माजी के नाम से की थी। फिर उनका नाम प्रेम कुमार भी पड़ा। यहां जानते हैं इसके पीछे की इंट्रेस्टिंग कहानी।फिल्मों में जाने के लिए घर से भागे खय्याम 1927 में पंजाब में पैदा हुए थे। बचपन से ही उनका फिल्मों की तरफ था। वह हीरो बनना चाहते थे। यही ख्वाहिश लिए वह बिना मां-बाप को बताए...