नई दिल्ली, जुलाई 21 -- राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने देशभर में खेती की जमीन से बाढ़ के बाद जमा रेत हटाने के नाम पर हो रहे अवैध खनन पर सख्ती दिखाते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) को नियामक तंत्र बनाने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी ने कहा कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (ईएसी) द्वारा तैयार ढांचे के अनुरूप नियम बनाकर उसकी रिपोर्ट दाखिल की जाए। यह मामला उन याचिकाओं से जुड़ा है, जिनमें आरोप है कि मानसून के बाद खेतों से रेत हटाने के बहाने व्यावसायिक खनन किया जा रहा है। एनजीटी ने कहा कि अवैध रेत खनन पर प्रभावी रोक के लिए आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल जरूरी है। पीठ ने सुझाव दिया कि मानसून से पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण कर खेतों में जमा रेत की मात्रा और निका...