रांची, अगस्त 25 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने रहा कि एमएमडीआर संशोधन विधेयक झारखंड के आर्थिक हितों, राज्यों के संवैधानिक अधिकारों और संघीय ढांचे पर गंभीर हमला है। झारखंड खनिज संपदा से देश को ऊर्जा और औद्योगिक विकास देता है, लेकिन जब उसी खनिज संपदा से राज्य अपने विकास के लिए राजस्व जुटाना चाहता है तो केंद्र सरकार उसके अधिकार सीमित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से 10 सवाल पूछे। वे कांग्रेस भवन में प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। सुबोधकांत सहाय ने कहा कि एमएमडीआर बिल सिर्फ खनन का कानून नहीं है, यह झारखंड की आर्थिक और संघीय स्वायत्तता का सवाल है। यह भी पढ़ें- Ranchi News: एमएमआरडी बिल के विरोध में कांग्रेस करेगी चरणबद्ध आंदोलन केंद्र सरकार स्पष्ट करे कि अगर झारखंड के संभावित 14,000 करोड़ के ...