जमशेदपुर, सितम्बर 21 -- पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को बिष्टूपुर स्थित तुलसी भवन में प्रेस वार्ता कर एमएमडीआर एक्ट, खनिज राजस्व और राज्य में खनन व्यवस्था को लेकर झारखंड सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए एमएमडीआर एक्ट के मुद्दे पर जनता को भ्रमित कर रही है। एमएमडीआर संशोधन अधिनियम 2025 एक सितंबर 2025 से प्रभावी है। मरांडी ने कहा कि प्रमुख खनिजों पर अतिरिक्त कर से झारखंड के उद्योगों की लागत बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि कोयले पर 450 रुपये और आयरन ओर पर 600 रुपये प्रति टन अतिरिक्त कर का बोझ पड़ रहा है। यह भी पढ़ें- एमएमडीआर एक्ट पर रघुवर दास का हमला, बोले- गलत व्याख्या कर भ्रम फैला रहे झामुमो-कांग्रेस उनके अनुसार, इसका असर जमशेदपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों म...