वाराणसी, अप्रैल 17 -- वाराणसी, विशेष संवाददाता। जमीन, मकान या प्लाट की रजिस्ट्री के दौरान खतौनी में नाम को लेकर आ रही दिक्कतों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने नए नियमों में बदलाव किया है। स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग ने खतौनी के कॉलम-11 और 14 (अंशधारक/सहखातेदार) में नाम पर भी रजिस्ट्री की छूट दे दी है। नए नियम के तहत मूल खतौनी में नाम होने पर ही रजिस्ट्री से विरोध और आपत्तियां आ रही थीं। पहली अप्रैल को विभाग ने फर्जीवाड़ा रोकने के लिए रजिस्ट्री नियमों में कड़े बदलाव किए हैं। अब सम्पत्तियों की रजिस्ट्री से पहले असली मालिक के दस्तावेजों की गहन जांच होगी और खतौनी अनिवार्य कर दी गई है। सरकार की मंशा है कि एक ही जमीन कई बार बेचने और धोखाधड़ी पर लगाम लगे। इसके लिए विक्रेता का नाम मूल खतौनी में होना जरूरी कर दिया गया।मूल खतौनी (कॉलम-...
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