पाकुड़, अक्टूबर 24 -- कचरे के ढेरों में अपना बचपन तलाशते नौनिहालों की जिंदगी केवल कचरा बीनने तक सीमित नहीं है। उनकी गतिविधियों को लेकर सामने आ रही जानकारी एक ऐसी व्यवस्था की ओर इशारा करती है, जिसमें चार से छह नाबालिग बच्चों की टोली के साथ एक बालिग युवक रहता है। बताया जा रहा है कि यह युवक जुगाड़ वाहन चलाने की जिम्मेदारी संभालता है, जबकि बच्चों को अलग-अलग इलाकों में भेजकर कचरा चुनवाया जाता है। युवक की जिम्मेदारी जुगाड़ वाहन चलाने की होती है। बच्चों को टोली में बांटकर अलग-अलग इलाकों में भेजा जाता है, जहां वे कचरा इकट्ठा करते हैं। इस तरह बच्चों का काम अलग-अलग क्षेत्रों में बंटा रहता है और उन्हें एक समूह के रूप में संचालित किए जाने की आशंका सामने आती है। यह भी पढ़ें- Balrampur News: पढ़ाई की उम्र में कचरा बीन रहे मासूम, बचपन पर गरीबी की मार बच्...