नई दिल्ली, मार्च 19 -- दिनकर पी श्रीवास्तव,ईरान के पूर्व भारतीय राजदूत बीती 18 मार्च को ईरान के अस्सलुयेह स्थित पेट्रोकेमिकल केंद्र और साउथ पार्स के गैस फील्ड पर इजरायल ने हमला करके मध्य-पूर्व के युद्ध को एक नया मोड़ दे दिया है। इन हमलों से तेल और गैस प्रतिष्ठानों को निशाना न बनाए जाने की अलिखित सहमति टूट गई है, जबकि ये प्रतिष्ठान यहां की आर्थिक जीवन-रेखा हैं। यह बमबारी इजरायली हमले में ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की मौत के तुरंत बाद की गई। इजरायल के हवाई हमले में ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब भी मारे गए हैं। साउथ पार्स काफी संवेदनशील क्षेत्र है, क्योंकि इस गैस फील्ड में कतर की भी हिस्सेदारी है। इस हमले के बाद ईरान ने भी सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर के तेल व गैस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोना...