अलीगढ़, दिसम्बर 19 -- (सवालों में अस्पताल) अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। शहर से लेकर देहात तक ऐसे-ऐसे स्थानों पर क्लीनिक संचालित हो रहे हैं, जिन्हें देखकर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यहां इलाज की अनुमति कैसे मिल गई। टूटे-फूटे, सीलन भरे और गंदगी से पटे खंडहरनुमा कमरों में मरीजों का उपचार किया जा रहा है। न पर्याप्त रोशनी, न हवा, न स्वच्छता और न ही आपात स्थिति से निपटने की कोई व्यवस्था। इन तथाकथित इलाज केंद्रों में स्वास्थ्य मानकों की खुली अनदेखी हो रही है, लेकिन मजबूर ग्रामीण मरीज इन्हीं पर भरोसा करने को विवश हैं। सवाल यह है कि जिम्मेदार विभाग इन हालातों से अनजान कैसे बना हुआ है। लोधा, चंडौस, अकराबाद, अतरौली जैसे ग्रामीण इलाकों में कई ऐसे क्लीनिक सामने आए हैं, जो जर्जर दुकानों, पुराने गोदामों या खंडहर बने कमरों में चल रहे हैं। दीवारों से सीलन ट...
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