नई दिल्ली, जून 4 -- नई दिल्ली। वैश्विक व्यापार के बदलते स्वरूप के बीच भारत को अपने मौजूदा मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) की प्रभावशीलता का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए। इसके साथ ही देश को अपने निवेश जांच प्रणाली को आधुनिक बनाने और अधिक समन्वित व्यापार तथा औद्योगिक नीति ढांचा अपनाने की जरूरत है। गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में यह सुझाव दिया गया है। 'रेजिलिएंस इन ए फ्रैगमेंटिंग वर्ल्ड: इंडिया'स इकोनॉमिक रिलेशंस विद ग्रेट पॉवर्स' शीर्षक वाली यह रिपोर्ट कोआन एडवाइजरी ग्रुप ने चिंतन रिसर्च फाउंडेशन, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री काउंसिल और इंस्टीट्यूट ऑफ चाइनीज स्टडीज के सहयोग से जारी की है। यह भी पढ़ें- रुपये पर दबाव घटाने को 100 उत्पादों का आयात कम होगा

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