चंदौली, जनवरी 30 -- नियामताबाद, हिन्दुस्तान संवाद। स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संस्था यूनाइटेड वे ऑफ बंगलुरू की ओर से क्षमतावर्धन प्रशिक्षण का आयोजन डीपीआरसी में शुक्रवार को हुआ। इसमें आशा कार्यकर्त्रियों को गर्भवती और धात्री महिलाओं, दो वर्ष तक के शिशुओं के पोषण, देखभाल और स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं जानकारी दी गई। इस दौरान एमओआईसी डॉ. रविकांत सिंह ने कहा कि गर्भावस्था से लेकर बच्चे के दो वर्ष की आयु तक के 1000 दिन बच्चे के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इस अवधि में आशा कार्यकर्ताओं की ओर से दिया जाने वाला मार्गदर्शन और जागरूकता समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाता है। प्रशिक्षण में गर्भवती महिलाओं की देखभाल, पोषण, समय पर एएनसी जांच, संस्थागत प्रसव, स्तनपान, पूरक आहार, टीकाकरण तथ...