वाराणसी, दिसम्बर 27 -- वाराणसी। श्रीराम नगर कॉलोनी ककरमत्ता में शुक्रवार को काशी गंगा सोशल फाउंडेशन की ओर से चल रहे श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ कथा में देवाचार्य महंत ने श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन भक्तों को श्रीकृष्ण की बाल लीला का वर्णन सुनाया। उन्होंने यह भी बताया कि कृष्ण ने कहा है कि तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, फल में कभी नहीं। इसलिए कर्मफल का हेतु मत बनो और न ही कर्म न करने में तुम्हारी आसक्ति हो। बताया कि क्रोध से भ्रम उत्पन्न होता है, भ्रम से बुद्धि का नाश होता है, बुद्धि के नाश से मनुष्य अपनी स्थिति से गिर जाता है। क्रोध एक विनाशकारी भावना है जो सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है, इसलिए क्रोध से बचना चाहिए। इस अवसर पर जमुना प्रसाद ने भजनों से भक्तों को आनंदित किया। कथा में नवनीत पांडेय, अतुल पार्षद, ओएन. उपाध्या...
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