क्रोधी ही सनातन का विरोधी:जगतगुरु रामस्वरूपाचार्य
झांसी, सितम्बर 1 -- झांसी। झांसी।रजत जयंती महोत्सव में केशवपुर धाम में चल रही श्रीरामकथा का राम राज्याभिषेक के साथ मंगलवार को समापन हो गया। श्रीराम कथा के श्रेष्ठ वक्ता कामदगिरि पीठाधीश्वर जगतगुरु रामस्वरुपार्य ने कहा कि राम के राजा बनते ही चारों ओर छाया शोक विषाद आदि सब हर्षोल्लास में बदल गया। जनता जनार्दन सभी प्रफुल्लित होकर जीवन यापन करते हैं। गोस्वामी तुलसीदास जी मानस में लिखते हैं राम राज्य बैठे त्रिलोका, हर्षित भये गये सब शोका। और दैहिक दैविक भौतिक तापा, राम राज्य काहु नहिं व्यापा। अर्थात राम के राज्य में किसी को किसी प्रकार का भी कष्ट तो क्या बुखार तक नहीं हुआ। राम राज्य की दुहाई देते हुए जगतगुरु ने कहा कि आज नफरत भरे परिवेश में पिता -पुत्र और भाई -भाई आपस में लड झगड रहे हैं जबकि प्रभु राम ने राजतिलक के समय स्वयं स्नान से पूर्व अपन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.