बदायूं, मई 27 -- नगर के ग्रीन फेस-दो स्थित श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर में आयोजित श्रीराम कथा के तृतीय दिन कथा व्यास सुमित सत्यनारायण आचार्य ने भगवान श्रीराम के अवतार के दिव्य कारणों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा व्यास ने कहा कि जब देवर्षि नारद जैसे महान ज्ञानी ऋषि को भी अभिमान हो गया, तब भगवान ने उन्हें बंदर स्वरूप प्रदान कर उनका अहंकार दूर किया। कथा व्यास ने कहा कि क्रोधित होकर नारद ने भगवान को श्राप दिया, जिसके परिणामस्वरूप भगवान को मानव रूप में अवतार लेना पड़ा। भगवान के पार्षद जय और विजय द्वारा सनकादिक ऋषियों का उचित सम्मान न करने पर ऋषियों ने उन्हें श्राप दिया, जिसके कारण वे रावण और कुंभकरण के रूप में जन्मे। यह भी पढ़ें- हृदय से पुकारने पर ईश्वर स्वयं करते हैं रक्षा: पं.जगमोहन अपने भक्तों का कल्याण करने और अधर्म के विनाश के लिए भगवान श...