नई दिल्ली, जनवरी 16 -- नई दिल्ली। भारत में आम बजट 2026 से पहले वर्चुअल डिजिटल असेट्स जैसे क्रिप्टोकरेंसी,एनएफटी और डिजिटल टोकन के सम्बंध में उद्योग की अपेक्षाएं बहुत बढ़ गई हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत में क्रिप्टो का उपयोग काफी बढ़ा है और आज भारत दुनिया में उपयोगकर्ताओं की संख्या के हिसाब से अग्रणी स्थान रखता है। ऐसे में इस बजट में नियमों और कर नीति से जुड़ी स्पष्टता और सुधार की उम्मीदें हैं। बजट 2026 को क्रिप्टो सेक्टर के लिए एक संभावित मील का पत्थर माना जा रहा है। उद्योग की अपेक्षा है कि संवाद, नियामकीय स्पष्टता, टैक्स की पुनर्समीक्षा और एक सुव्यवस्थित कानूनी ढांचा भारत को विश्वस्तरीय क्रिप्टो विनियमन और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। यह न केवल निवेशकों के हित में है, बल्कि आर्थिक विकास और डिजिटल नवाचार को आगे बढ...