नई दिल्ली, नवम्बर 25 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रिकेट सट्टेबाजी से होने वाले आय को लेकर अहम फैसला सुनाया। अदालत ने माना है कि क्रिकेट सट्टेबाजी से होने वाला मुनाफा धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत 'अपराध की कमाई' माना जाएगा। न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल व न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने कहा कि भले ही क्रिकेट सट्टेबाजी धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक अपराध नहीं है, फिर भी अवैध सट्टेबाजी से अर्जित संपत्ति को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अपराध की आय के रूप में कुर्क किया जा सकता है। पीठ ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के जरिए कोई अचल संपत्ति अर्जित करता है और बाद में उसी संपत्ति का उपयोग व्यवसाय चलाने के लिए करता है तो भी उस गतिविधि से अर्जित आय अपराध की आय ही मानी जाएगी।
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