नई दिल्ली, जनवरी 5 -- भारत के पूर्व आक्रामक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने सोमवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बाद विदेशी खिलाड़ियों के नजरिए में बदलाव आया है और छींटाकशी जैसी प्रवृत्तियां कम हुई हैं। सहवाग ने कहा कि टेस्ट और एकदिवसीय क्रिकेट हमेशा प्रदर्शन का मजबूत आधार बने रहेंगे लेकिन टी20 के बाद टी10 क्रिकेट का दौर भी देखने को मिल सकता है।'बड़े लक्ष्य के लिए आक्रामक सोच जरूरी' सहवाग ने जयपुर में 'राजस्थान डिजिफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026' के दूसरे दिन दर्शकों के साथ अपने अनुभव साझा किए। 'नो फियर, नो लिमिट्स: लेसन्स फ्रॉम द वर्ल्ड्स मोस्ट एग्रेसिव ओपनर' विषय पर आयोजित इस संवाद सत्र में सहवाग ने कहा, ''साहस और आक्रामक सोच के बिना ना तो खेल में और ना ही जीवन में बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते है...
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