नई दिल्ली, जून 27 -- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख वी नारायणन ने शनिवार को कहा कि भारत ने उस क्रायोजेनिक इंजन तकनीक में महारत हासिल कर ली है, जिसे कभी उसे देने से इनकार कर दिया गया था। बेंगलुरु में आयोजित एक व्याख्यान के दौरान उन्होंने कहा कि तकनीक न मिलने की चुनौती को भारत ने अवसर में बदला और आज देश ने तीन क्रायोजेनिक प्रोपल्शन सिस्टम विकसित कर लिए हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में उन देशों का आभार भी जताया, जिन्होंने भारत को यह तकनीक नहीं दी। उन्होंने कहा कि इसी वजह से भारत आज आत्मनिर्भर बन सका है। भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए इसरो प्रमुख ने बताया कि भारत इस साल अपने पहले मानवरहित गगनयान मिशन की तैयारी कर रहा है। जल्द इसके तारीखों का ऐलान संभव है। इसके सफल होने और समीक्षा के बाद इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने वाले म...