पूर्णिया, अगस्त 23 -- रूपौली, एक संवाददाता। क्रांतिकारियों की धरती के नाम से अपनी एक अलग पहचान रखने वाला रूपौली में 25 अगस्त को वीर शहीदों को याद किया जाता है। 1942 में जब महात्मा गांधी ने करो या मरो का नारा दिया तब पूरा रूपौली इस नारे के साथ लोग अपने प्राणों को देश के लिए न्यौछावर करने को तैयार हो गया। रूपौली की धरती क्रांतिकारियों की धरती है। बुजुर्गों ने बताया कि 25 अगस्त 1942 को रूपौली में हजारों की संख्या में क्रांतिकारी जमा हो गए। सोशलिस्ट पार्टी से बने रूपौली के प्रथम विधायक मोहित लाल पंडित ,पूर्व विधायक आनंदी प्रसाद सिंह ,बैजनाथ चौधरी क्रांतिकारियों का नेतृत्व कर रहे थे। यह भी पढ़ें- अररिया: क्रांतिकारियों का नारा था-सलामी और गुलामी हटाओ क्रांतिकारी थाना पर अपना तिरंगा झंडा फहराने के लिए तत्कालीन थानेदार से विनम्रता पूर्वक अपनी बा...