राजन शर्मा, जून 1 -- दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास सैदुलाजाब गांव आम दिनों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले हजारों छात्रों की गतिविधियों से गुलजार रहता है। संकरी गलियों में सुबह से देर रात तक छात्रों की आवाजाही, लाइब्रेरी में पढ़ाई, चाय की दुकानों पर चर्चाएं और सस्ते ढाबों पर जुटने वाली भीड़ इस इलाके की पहचान रही है। लेकिन शनिवार शाम हुए इमारत हादसे के बाद यहां का माहौल पूरी तरह बदल गया है। जहां पहले चहल-पहल दिखाई देती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। शनिवार को यहां हुए हादसे के बाद अब सोमवार को पूरे दिन इलाके में पुलिस, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के वाहन ही नजर आए। आम दिनों में छात्रों और स्थानीय लोगों से भरी रहने वाली गलियां लगभग खाली दिखाई दीं। कई छात्र अपने कमरों में ही रहने को मजबूर हैं, जबकि कुछ ने अस्थायी रूप से द...