कोच्चि, जनवरी 27 -- केरल हाईकोर्ट ने मेडिकल प्रोफेशनल्स की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने फिजियोथेरेपिस्ट और ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट की ओर से अपने नाम के साथ डॉ लगाए जाने को चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा कि नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) एक्ट में एमबीबीएस ग्रेजुएट्स के लिए प्रीफिक्स डॉक्टर या डॉ के इस्तेमाल का कोई प्रावधान नहीं है। जस्टिस वी जी अरुण ने कहा कि डॉक्टर शब्द का इस्तेमाल शुरू में ऐसे व्यक्ति के लिए किया जाता था जिसने सीखने के उच्चतम स्तर को हासिल किया हो और जिसे धर्मशास्त्र, कानून और दर्शन जैसे क्षेत्रों में पढ़ाने का लाइसेंस मिला हो। कोर्ट ने कहा कि डॉक्टर शब्द का असल मतलब एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति था जो पढ़ाने के लिए योग्य हो, लेकिन धीरे-धीरे, मेडिकल साइंस में प्रगति के साथ, यूनिवर्सिटी से पढ़े-लिखे डॉक्टरों - जिनके पास मेडिसिन म...