नई दिल्ली, अप्रैल 27 -- पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण मतदान के लिए प्रचार थम चुका है। यह दोनों ही राज्य उन राज्यों में शामिल हैं, जिनमें नई दिल्ली की सत्ता पर बैठी भाजपा कभी भी अपना वर्चस्व स्थापित नहीं कर पाई है। यह राज्य भाजपा की पहुंच से हमेशा से दूर ही माने जाते रहे हैं। पश्चिम बंगाल में पिछले एक दशक से भाजपा लगातार मेहनत कर रही है, इसकी बदौलत उसे कुछ सफलता भी मिली है। पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी राज्य की मुख्य विपक्षी दल बनकर उभरी। दूसरी तरफ तमिलनाडू में भाजपा शुरुआत से ही एआईडीएमके की जूनियर पार्टनर बनकर रही है। इसलिए भाजपा ने राज्य में सत्ता का स्वाद भी चखा है, लेकिन पश्चिम बंगाल की कहानी अलग है।भाजपा का कोरोमंडल ब्लू प्रिंट देश भर में दर्जन भर से ज्यादा राज्यों पर और केंद्र की सत्ता में बैठी भाजप...