नई दिल्ली, जनवरी 29 -- यूजीसी रूल्स को लेकर देश भर में बहस तेज है। यूपी, बिहार समेत देश के तमाम राज्यों में इसे लेकर सवर्ण समाज के संगठनों का विरोध भी चल रहा है। सवर्ण समाज के एक वर्ग का कहना है कि यूजीसी रूल्स के चलते परेशानियां होंगी और फर्जी शिकायतें भी दर्ज होंगी। इसके अलावा एक चिंता यह कहते हुए भी जाहिर की जा रही है कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के छात्रों की ओर से दी जाने वाली शिकायतों की जांच में सवर्ण प्रतिनिधि नहीं होंगे। हालांकि यह पूरी तरह सच नहीं है। यूजीसी रूल्स में शिकायतों की जांच के लिए समता समिति का प्रावधान है। सभी शिकायतों पर संस्थानों में बनी यह समिति ही जांच करेगी और इसमें सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व होने की संभावना रहेगी। यूजीसी की ओर से जो नियमावली दी गई है, उसके तहत समता समिति के पदेन अध्यक्ष संस्थान के प्रमुख होंगे। ...