दिल्ली, मार्च 5 -- भारत के कुछ राज्यों में टीनएजर बच्चों के मोबाइल और सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने के बारे में सोचा जा रहा है.वहीं कई विशेषज्ञों और पेरेंट्स का मानना है कि बैन करने के बजाय एक जिम्मेदार डिजिटल नीति अपनाई जानी चाहिए.अर्पिता मुखर्जी मुंबई में एक कंटेंट क्रिएटर हैं.वह फैशन, लाइफस्टाइल और पैरेंटिंग से जुड़े रोजमर्रा के अनुभवों पर रिलेटेबल कंटेंट बनाती हैं.उनके दोनों बच्चे कपड़ों के ब्रांड्स के लिए शूट किया करते थे.लेकिन अर्पिता ने इसे बंद करने का फैसला किया.उन्हें डर है कि बच्चों की तस्वीरों से आपत्तिजनक कंटेंट बनाकर ऑनलाइन फैलाया जा सकता है.लेकिन अर्पिता यह भी मानती हैं कि अचानक सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने से समस्याएं बढ़ सकती है, क्योंकि अधिकांश किशोर पहले से ही सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और कई इससे कमाई भी कर रहे हैं.ह...