विधि संवाददाता, अप्रैल 22 -- UP News : इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने मैटनिटी लीव को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पहला मातृत्व अवकाश लेने के दो वर्ष के भीतर दूसरे मातृत्व अवकाश पर रोक नहीं लगाई जा सकती। न्यायालय ने यह भी कहा कि इस विषय में वित्तीय हैंडबुक के प्रावधान मातृत्व लाभ कानून के ऊपर नहीं हो सकते। यह आदेश न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की एकल पीठ ने मनीषा यादव की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। मनीषा यादव की याचिका में चार अप्रैल 2026 को पारित उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके जरिए याची की दूसरे मातृत्व अवकाश की मांग को अस्वीकार कर दिया गया था। सुनवाई के दौरान याची की ओर से अधिवक्ता चिन्मय मिश्रा ने दलील दी कि मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 लाभकारी कानून है। इसके प्रावधानों को प्...
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