नई दिल्ली, दिसम्बर 24 -- आजकल फर्टिलिटी की समस्या काफी आम हो चुकी है। कपल्स के बीच सबकुछ सही होने का बाद भी बच्चे होने में परेशानी हो रही है, ऐसे में महिला-पुरुष दोनों ही खुद को दोषी मानने लगते हैं। आजकल का लाइफस्टाइल, खान-पान सब बदल चुका है और सबसे बुरी आदतों में से एक है लंबे समय तक स्क्रीन टाइम। लोग दिनभर की थकान और बिजी शेड्यूल के बाद रात में ही फोन चलाते हैं, देर रात तक फोन चलाने से सिर्फ नींद ही नहीं बल्कि हार्मोन्स पर भी बुरा असर होता है। स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट शरीर से मेलाटोनिन हार्मोन के स्तर को कम कर देती है और इससे नींद कम आती है, साथ ही स्पर्म काउंट पर भी बुरा असर होता है। जयपुर के सीके बिरला अस्पतला की गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर नम्रता गुप्ता ने इस बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि क्या वाकई लॉन्ग स्क्रीन टाइम पुर...
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