बेंगलुरु, अगस्त 12 -- कर्नाटक हाईकोर्ट में एक अहम मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने आईवीएफ प्रक्रिया और स्पर्म के इस्तेमाल को लेकर कानूनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। बेंगलुरु की एक महिला ने अपने पति के फ्रोजन स्पर्म का इस्तेमाल करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस मामले में सरकार का रुख काफी सख्त रहा है।क्या है पूरा मामला? बेंगलुरु की एक महिला ने कोर्ट से मांग की थी कि उसे अपने पति के फ्रोजन स्पर्म का इस्तेमाल करके आईवीएफ ट्रीटमेंट कराने की अनुमति दी जाए। महिला का दावा है कि उसने इसके लिए क्लीनिक से अनुमति मांगी थी, लेकिन पति की रजामंदी न होने के कारण यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। दरअसल, शादी के दो साल बाद ही दंपति के बीच विवाद शुरू हो गया और वे अलग रहने लगे। पति ने क्रूरता का हवाला देते हुए तलाक की अर्जी भी दायर की है...